vernier caliper(Chapter = 9 second)

वर्नियर कैलिपर का सिद्धांत लिखो

वर्नियर कैलिपर एक ही माप के दो स्केलो मेन स्केल और वर्नियर स्केल के अंतर के आधार पर काम करता है।
ब्रिटिश वर्नियर कैलीपर का अल्पतमांक
0.001 इंच
मैट्रिक वर्नियर कैलीपर का अल्पतमांक

0.02mm
वर्नियर कैलीपर पर कितने प्रकार के होते हैं।

वर्नियर कैलीपर चार प्रकार के होते हैं
फ्लैट एज वर्नियर कैलीपर
इस प्रकार के वर्नियर कैलीपर के जाॅ की मापने वाली सत्तह फ्लैट होती है। इसके द्वारा बाहर का मापा जाता है। जैसे:-
लंबाई, चौड़ाई ,मोटाई, ब्याज, इत्यादि। इसके जॉ की बाहरी सतह उतल होती है। इसके द्वारा अंदर काम आप भी मापा जाता है इसके अंदर काम आपसे कम से कम आप दोनों जाॅ की चढ़ाई के बराबर लिया जाता है। जो 10 एमएम होती है। जो इसके जॉ पर अंकित होती है।

नाइफ एज वर्नियर कैलीपर

इस प्रकार के वर्नियर कैलीपर के जाॅ की मापने वाली सतह चाकू की धार की तरह होती है। इसके द्वारा एक सुराख से दूसरे सुराख के बीच की दूरी मापी जाती है। लेकिन इसकी मापने वालीली सतह जल्दी खराब हो जाती है|



फ्लैट और नाइस इन वर्नियर कैलीपर

इस प्रकार के वर्नियर कैलीपर के एक तरफ में जॉ फ्लैट और दूसरी तरफ नाइफ एज होती है। इसके द्वारा बाहरी व अन्दरूनी माप आसानी से माप जाती है।

वर्नियर कैलीपर डेप्थ गेज

इस‌ प्रकार का वर्नियर कैलिपर फ्लैट एज और नाइफ एज की तरह होता है। इसमें बीम के पीछे की तरह डेप्थ बार लगी होती है ।जो कैलिपर के साथ होती है। इसकी बीम के पीछे आयताकार स्लॉट कटी होती है। जिसमें डेप्थ बार आगे पीछे चलती है। इस कैलीपर के द्वारा एक साथ बाहर का माप और गहराई में आ जाती है। इसे यूनिवर्सल वर्नियर कैलिपर भी कहते हैं।

गीयर टूथ वर्नियर कैलीपर

यह दो वर्नियर कैलिपर का मिला जुला रूप है ।जिसमें दो स्केल होती है। जिससे गीयर के दांत व अडैण्डम और दांते की मोटाई एक साथ मापी जाती है।

डायल कैलिपर

यह कैलिपर दूसरे वर्नियर कैलिपर से भिन्न होता है। यह एक रैक और पिनियन के सिद्धांत पर काम करता है। इसकी बीम पर रैक बनी होती है ।उस पर 0.0 5mm, 0.02 एवं और 0.0 १ तक की शुद्धता मापी जाती है।








वर्नियर कैलीपर और माइक्रोमीटर में अंतर

वर्नियर कैलीपर
1. एक ही वर्नियर कालिपर के द्वारा बाहरी भीतरी व गहराई का माप ले सकता है।
2. इसके द्वारा ब्रिटिश व मीट्रिक दोनों माप ली जा सकती है।
3. इसके रेज बड़ी होती है जो जीरो से 300 एमएम या जीरो से 12 इंच होती है।
4. इससे बिल्कुल शुद्ध माफ नहीं आती है
माइक्रोमीटर
1. बाहरी ,भीतर व गहराई का माप लेने के लिए अलग-अलग माइक्रोमीटर की आवश्यकता होती है।
2. अलग-अलग प्रणाली प्रणाली के लिए अलग-अलग माइक्रोमीटर के सकता होती है।
3. इसकी रेंज जीरो से 25 से जीरू1 इंच होती है।
4. इससे शुद्ध माप आती है।
5. 

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