Shaper machine and all important parts ( Chapter =12 to 16 )
शेपर मशीन क्या है।
सन 1973 में सर ब्रूनेल मार्क ने एक ऐसी मशीन का आविष्कार किया। जो जॉब या पार्टी की सतह को समतल करती है। धीरे-धीरे इस मशीन में सुधार करके दूसरे कार्य किए जाने लगे जैसे उत्तल ,अवतल सतह बनाना ,की वेज बनाना कोणीय झिरियाॅ और ग्रुव बनाना। इस प्रकार इस मशीन का नाम से शेपर रखा गया ।शेपर मशीन का कार्य करने का सिद्धांत
शेपर मशीन कारपेंटर लकड़ी के जैक- प्लेनर या रन्दे द्वारा समतल करता है। उसी प्रकार शेपर मशीन भी फॉरवर्ड स्टॉक में जॉब या पार्ट्स को काटती है । इसमें जॉब पर स्थिर रहती है । इस मशीन द्वारा जॉब की समतल सतह, लम्बवत सतह कोणीय सतह, की वेज करती है। इसके ऊपर कै ब्लाक, स्क्रु और बैवल गीयर फिट रहते हैं। बुल गीयर और स्कूराड के द्वारा कैक ब्लाक को बुल गीयर के बीच में कहीं भी एडजस्ट कर सकते हैं ।इसमें रैम के स्ट्रोक की लंबाई को सेट किया जाता है।क्रैंक टाइप
इस प्रकार की शेपर मशीन में रैम को क्रैक तथा स्लाटिड लिंक यन्त्रवली के द्वारा गति दी जाती है। जिसमें बुल गीयर की सर्कुलर मोशन को रैम रैसीप्रोकटिग मोशन में बदल देता है ।बुल गीयर गरारी के साथ चलती है। पिनियन को मोटर पुल्ली या स्टेप कोन पुल्ली द्वारा गति दी जाती है। इस प्रकार की शेपर वर्कशॉप में अधिकतर प्रयोग होती है।गीयरड टाइप
इस प्रकार की शेपर मशीन में रैम को रेक और पिनियन द्वारा आगे पीछे चलाया जाता है ।इसमें रैम के नीचे रैक फीट होता है और पिनियन वह छोटे गीयर को रिवर्सीबल मोटर और गीयर ट्रेन द्वारा गति दी जाती है। इस प्रकार की शेपर मशीन आजकल बहुत कम ही प्रयोग की जाती है।हाइड्राॅलिक टाइप
इस प्रकार की शेपर मशीन में रैम को हाइड्राॅलिक शक्ति द्वारा चलाया जाता है। इसमें रैमर् का संबंध पिस्टन राॅड से होता है और पिस्टन सिलेंडर में चलता है ।सिलेंडर में तेल गीयर पंप द्वारा सप्लाई किए जाते हैं ।इसमें उच्च दाब पर तेल पिस्टन को पहले एक तरफ से और फिर दूसरी तरफ दबाता है ,जिसमें पिस्टन आगे पीछे चलता और रैम भी आगे पीछे चलता है ।रैम की गति गीयर पंप द्वारा छोड़ी गई तेल की मात्रा से रैम ज्यादा गति पर चलता है ।इस मशीनें आवाज कम होती तथा इसमें स्लिपेज भी नहीं होते और स्पीड एक सामान्य रहती है। इस प्रकार की मशीन आजकल ज्यादा प्रचलित हो रही है ।शेपर मशीन के टूलों का वर्गीकरण
शेपर टूल का वर्गीकरण निम्नलिखित आधार पर करते हैं।बनावट के आधार पर
शेपर टूल सीधे ,कैकड और गूज नैक वाले होते हैं।कटाई दिशा के अनुसार
1. राइट हैंड टूल2. लेफ्ट हैंड टूल
क्रियाओं के अनुसार
1. सरफेसिंग टूल2. साइड कटिंग
3. रीसैसिग
4. पाटिग टूल
5. स्क्वायरिग टूल
फिनिशिंग के अनुसार
1. रफ ट्यून2. फिनिशिंग टूल
कटाई सिरे की आकृति के आधार पर
1. वी आकृति2. राउंण्ड नोज
3. स्क्वेयर नोज़
बनाने की विधि के अनुसार
1. सॉलिड टूल2. बिट और टूल होल्डर
3. टिप्ड टूल
मैटेरियल के अनुसार
1. हाई कार्बन स्टील2. हाई स्पीड स्टील
3. सीमेंण्टिड कार्बाइड
4. सिरामिक्स और स्टेलाइट
शेपर कटिंग टूल
शेपर मशीन पर सिंगल प्वाइंट कटिंग टूल प्रयोग की जाता है। इनकी आकृति लेथ टूल्स की तरह होती है। लेकिन इनकी शौंक या बॉडी बड़े साइज की होती है। ताकि कट शुरू करते समय पड़ रहे झटके को सहन कर सके।साॅलिड टाइप टूल:-
यह हाई कार्बन स्टील रॉड या हाई स्पीड स्टील रॉड से फोर्ज कर के बनाए जाते हैं ।इन्हें हाड व टेंम्पर किया जाता है। उन्हें बार-बार फोर्ज करके प्रयोग में लाया जाता है।
बिट टाइप :
इस टूल की शौंक या बॉडी माइल्ड स्टील की होती है। और इनके एक सिरे पर वर्गाकार सुराख होता है। जिसमें स्क्वायर बिट को बोल्ड या स्क्रू द्वारा कसा जाता है ।यह टूल सस्ते पड़ते हैं तथा इन पर छोटे साइज के बिट का प्रयोग कर जाता है।टिप्पड टाइप:
इस प्रकार के कटिंग टूल आजकल अधिक प्रयोग किए जाते हैं। क्योंकि उन्हें बार-बार हाड वा टेंम्पर नहीं करना पड़ता है। इनको शौंक और बाड़ी माइल्ड स्टील और प्वॉइंट पर कार्बाइड या सिरामिक्स की टिप की ब्रज किया जाता है। वह करने से पहले इस सिरे पर गाइडिंग या फाइलिंग द्वारा बिट को सैट करने के लिए ग्रुप बनाना पड़ता हैशेपर मशीन में प्रयोग होने वाले होल्डिंग डिवाइस और स्पोर्टिंग प्राइस
शेपर मशीन के वर्किंग टेबल पर जॉब को पकड़ने के लिए टेबल की सतह पर टी स्लाटस कटे होते हैं । जिसमें टी हैंड बोल्ट फिट करके जॉब को कलैम्प किया जाता है। जॉब टेबल के ऊपर इस प्रकार कलैम्प होनी चाहिए कि जॉब को कटिंग करते समय पूरा सहारा मिले और टूल के धक्के से जॉब बाहर न निकल सके।निम्नलिखित विधिओं का उपयोग किया जाता है
1. जॉब को वॉइस में पकड़ कर2. जॉब को वर्किंग टेबल पर सीधे क्लैम्प करके
3. जॉब को वी ब्लॉक की सहायता से पकड़ कर
4. जॉब को एंग्ल प्लेट की सहायता से पकड़कर
5. जॉब को इंण्डेक्स सेंटर के बीच में पकड़ कर
6. बेसिस
7. जॉब को विशेष प्रकार के फिक्सचरो द्वारा इतना
जाॅब को वॉइस ने पकड़ कर
शेपर मशीन टेबल पर जॉब को पकड़ने के लिए वॉइस का प्रयोग किया जाता है वाइफ को मशीन टेबल पर नेटबॉल की सहायता से पकड़ा जाता है या जॉब को पकड़ने का सबसे आसान साधन है लेकिन इसमें वॉइस केसा इससे बड़ी जॉब वॉइस पर नहीं बन सकते। शेपर मशीन पर निम्नलिखित प्रकार की वाइस प्रयोग किए जाते हैं।1. साधारण प्लेन वॉइस
2. स्वीवेल बेस मशीन वाइस
3. यूनिवर्सल मशीन वॉइस
4. क्विक एक्शन वॉइस
जॉब को वर्किंग टेबल पर सीधा क्लेम करके
बड़ी और विभिन्न आकृति की जॉब को जिन्हें वाइस में क्लेम नहीं किया जाता। उन्हें टेबल पर निम्न साधनो से क्लेम किया जाता है।1. की बोल्ट
2. क्लैम्प
3. फल क्रम ब्लॉक
4. स्टाप पिन
5. स्टैप ब्लॉक और पैरेलल बार
6. शिम्ज
7. टो डॉग्स और पोपिटस
8. टगड स्टिप एवं स्टॉप पिन्ज
9. होल्ड डाऊन और ग्रेपस


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