माइक्रोमीटर:- सिद्धांत, बनावट ,पढ़ने के तरीके
माइक्रोमीटर क्या है।
माइक्रोमीटर एक बारीक मापी औजार है। यह ब्रिटिश प्रणाली में 0.001 इंच और मेट्रिक प्रणाली में 0.0 1 एमएम की शुद्धता में माप देता है । इसका जीन पालमर सन् 1848 में किया था ।जो फ्रांस के नागरिक थे ,सबसे पहले जीन पालमर ने अमेरिका में माइक्रोमीटर बनाया। जिसका नाम पाल्मर माइक्रोमीटर रखा , लेकिन सन 1877 व 1885 में सुधार हुआ। इसके बाद आजकल का आधुनिक माइक्रोमीटर बनाया गया ।जो अब चल रहा है, इसका प्रयोग बाहरी माप मापने के लिए करते हैं, इस प्रकार अंदर की माप के लिए इंसाइड माइक्रोमीटर, ग्रहराई के लिए डैप्थ माइक्रोमीटर बनाए गए हैं ।यह सभी एक ही सिद्धांत पर नट व बोल्ट के आधार पर कार्य करते हैं ।तथा दोनों प्रणाली में मिलते हैं।
माइक्रोमीटर किस धातु का बनाया जाता है।
माइक्रोमीटर अधिकांशतः इन्वार स्टील का बनाया जाता है।।लेकिन कई माइक्रोमीटर के फ्रेम फोज्ड स्टील , कास्ट आयरन के बनाए जाते हैं।
माइक्रोमीटर मीटर कितने प्रकार के होते हैं
माइक्रोमीटर 10 प्रकार के होता है।
हब माइक्रोमीटर:-
इसका फ्रेम आयताकार शक्ल का होता है। इसमें 20 एमएम व्यास वाली सुराख में डाला जा सकता है ।इसका प्रयोग हब की लंबाई मापने के लिए किया जाता है ।इसकी रीडिंग या पढ़ने का तरीका साधारण माइक्रोमीटर की तरह होता है।
ट्यूब माइक्रोमीटर
इससे स्पान भी कहते हैं ।इनकी एंनविल स्पिडल के साथ 90 डिग्री का कोण बनाती है। इसका प्रयोग से पाईप या ट्यूब की मोटाई मापी जाती है।
स्क्रु थ्रेड माइक्रोमीटर
इस माइक्रोमीटर के एनविल व स्पिण्डल के फेस कोनिकल होता है। इसका प्रयोग पिच डायमीटर मापने के लिए किया जाता है ।स्पिण्डल व एनविल को कोनिकल सतह पर कोण के थैडस के स्टैंडर्ड के अनुसार होता है। इसकी एंनविल फिक्सड या मूवऐबल भी हो सकता है।
वी एनविल माइक्रोमीटर
इस माइक्रोमीटर का फ्रेम वी आकार में बना होता है। जिसका कोण 60 डिग्री का होता है ,इसका स्पिण्डल आगे मे नुकीला तेज होता है। इसका ऊपर सेंट्रल जॉब लैस मापी जाती है।
ब्लैक टाप माइक्रोमीटर
इस माइक्रोमीटर की एनविल और स्पिण्डल आगे से पतली होती है ।जो टतग स्लॉट मे किया आ जाती है। इसका स्पिण्डल घूमता नहीं है।यह थिम्बल के दबाव से आगे या पीछे चलती है ।इसका प्रयोग वी गेट शीट शाफ्ट का माप लेने के लिए किया जाता है। इसे पढ़ने का तरीका साधारण माइक्रोमीटर की तरह होता है।
डिक्स माइक्रोमीटर
इसे पेपर गेज माइक्रोमीटर भी कहते हैं। किसके एनविल और स्पिण्डल के फेस आगे से ज्यादा गोलाई में होते हैं ।ताकि पतले कागज का माप आसानी से ली जा सके।
बाॅल माइक्रोमीटर
इक्रोमीटरइस प्रकार के माइक्रोमीटर की एनविल व स्पिण्डग के फेस अद्ध गोले की आकृति के होते हैं, जिससे किसी भी गोल जॉब को चेक करने में सुविधा रहती है ।इसकी रीडिंग साधारण माइक्रोमीटर की तरह पड़ जाती है।
डिजिटल माइक्रोमीटर
आजकल का आधुनिक माइक्रोमीटर है ।जिसमें इलेक्ट्रॉनिक डिजिटल डिस्पले काउंटर लगा होता है ।इसे जीरो रीडिंग पर कहीं भी सेट कर सकते हैं यहां माइकोमीटर दोनों प्रणालियों में मिलता है ।इसमें रीडिंग को होल्ड करने की भी फीचर होता है। जिसके बाद में देखा जा सके डिजिटल माइक्रोमीटर ,साधारण माइक्रोमीटर की अपेक्षा महंगे होता है , तथा 100 एमएम साइज तक उपलब्ध होता है।
डेप्थ माइक्रोमीटर
इस डेप्थ गेज माइक्रोमीटर कहते हैं । इसमें स्लॉट य ग्रूव और सुराख की गहराई मापी जाती है। इसकी आकृति आउटसाइड माइक्रोमीटर की तरह होती है ।लेकिन इसमें फ्रेम वा एनविल नहीं होता है ।इसके स्लीप पर साधारण माइक्रोमीटर की तरह चिन्ह अंकित होता है ।लेकिन इसके निशान रैचत की तरह तरफ से आधार की तरफ को बढ़ते हैं।
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